कलेक्टर को नहीं है अधिकार, हाईकोर्ट ने रद्द किया बालोद के प्राचार्यों का निलंबन

Madhya Bharat Desk
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बालोद।छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बालोद जिले के चार प्राचार्यों के निलंबन पर रोक लगाते हुए कलेक्टर द्वारा जारी आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारियों को निलंबित करने का अधिकार कलेक्टर के पास नहीं है।

जिन प्राचार्यों को राहत मिली है उनमें शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भिरई के पुरुषोत्तम कुमार साहू, हाईस्कूल सोहपुर के बालसिंह मंडावी, पीएमश्री सेजेस डौंडीलोहारा के दिलीप देवहरे और हायर सेकेंडरी स्कूल खरथुली के घनाराम देशमुख शामिल हैं।

इन सभी प्राचार्यों ने 7 मई को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कलेक्टर के निलंबन आदेश को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जैनब मुस्तफा वनक ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि प्राचार्य द्वितीय श्रेणी के राजपत्रित अधिकारी होते हैं, इसलिए उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने का अधिकार कलेक्टर को नहीं है।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने माना कि नियमों के मुताबिक कलेक्टर ऐसा आदेश जारी नहीं कर सकते। इसी आधार पर निलंबन आदेश को रद्द कर दिया गया। हालांकि अदालत ने राज्य शासन को यह छूट दी है कि सक्षम अधिकारी के माध्यम से नियमों के तहत आगे कार्रवाई की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के पिछले दो साल के परिणामों में अंतर को आधार बनाकर शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर इन चारों प्राचार्यों को निलंबित किया गया था। इस कार्रवाई के बाद शिक्षक संगठनों ने विरोध जताते हुए इसे नियम विरुद्ध बताया था।

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