रायपुर। आईपीएल मैच के दौरान फर्जी टिकट बेचने वाले एक गिरोह का लखनऊ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में रायपुर और दुर्ग के चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये युवक लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाहर दर्शकों को नकली टिकट बेच रहे थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ऑनलाइन पेमेंट लेकर लोगों को ऐसे टिकट दे रहे थे, जो देखने में बिल्कुल असली लग रहे थे। मामला तब सामने आया जब जालौन के एक दर्शक ने टिकट फर्जी होने की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और चारों आरोपियों को पकड़ लिया।
जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट से असली आईपीएल टिकटों की फोटो डाउनलोड करते थे। इसके बाद कोरल ड्रा जैसे डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से उनकी कॉपी तैयार की जाती थी। बताया जा रहा है कि आरोपी विश्वजीत साहू 2डी और 3डी डिजाइनिंग का काम जानता है और वही टिकटों की डिजाइन तैयार करता था। पुलिस का कहना है कि टिकटों को ज्यादा असली जैसा दिखाने के लिए चैट जीपीटी समेत कई आधुनिक टूल्स का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी इससे पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी फर्जी टिकट बेचने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन वहां सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने टिकट की क्वालिटी में बदलाव किया और 6 मई को लखनऊ पहुंच गए। चारों एक होटल में रुके हुए थे और अगले दिन स्टेडियम के बाहर टिकट बेचने लगे।
फिलहाल लखनऊ पुलिस और साइबर सेल पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि टिकटों के बदले ऑनलाइन भुगतान मुख्य रूप से श्रीकांत बोरकर के बैंक खाते में लिया जा रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क दूसरे शहरों तक फैला हुआ है या नहीं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 नकली टिकट, 14 अधछपे टिकट, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, पेपर कटर, 170 जीएसएम पेपर शीट, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और इस्तेमाल की गई कार जब्त की है।



