छत्तीसगढ़ में 1 मई से सुशासन तिहार की शुरुआत होते ही विष्णुदेव साय सिंघम मूड में नजर आ रहे है। सीएम साय ने साफ दो टूक कहा अफसर आम लोगों की बात सुनें, उन्हें अपनी न सुनाएं और शालीन व संवेदनशील रहें। अवैध रेत खनन पर भी सीएम साय सख्त रुख में दिख रहे है।
प्रदेश में 1 मई से शुरू हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगे समाधान शिविर का सीएम साय खुद औचक निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के कार्य के साथ उनके व्यवहार पक्ष को भी परखेंगे। जनसंपर्क के दौरान संवेदनशीलता, शालीनता और जवाबदेही को प्राथमिकता से देखेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शालीनता और संवेदनशीलता ही अधिकारी की पहचान होनी चाहिए। आमजन के साथ व्यवहार में धैर्य और सम्मान जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “लोगों की सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं”, तभी संवाद सार्थक होगा।
अवैध रेत उत्खनन पर भी साय सरकार सख्त एक्शन मोड में है। खनिज सचिव पी. दयानंद ने 11 जिलों के कलेक्टरों को साफ चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन या परिवहन पाया गया तो सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। ड्रोन सर्वे या उड़नदस्ता दल की कार्रवाई में गड़बड़ी मिली तो जिला प्रशासन पर सीधी कार्रवाई होगी।
सीएम साय ने कहा कि अधिकारी ही शासन का चेहरा होते हैं, इसलिए उनका आचरण ही सरकार की छवि तय करता है। जब कोई नागरिक शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे महसूस होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार हो रहा है।
बैठक में सख्ती दिखाते हुए कहा गया कि अगर रायपुर से टीम को किसी जिले में जाना पड़ा, तो इसे स्थानीय प्रशासन की विफलता माना जाएगा और उस पर कार्रवाई किया जाएगा। शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा के काम की सराहना हुई, जबकि धमतरी, बिलासपुर और एमसीबी जिले को सीएम साय की फटकार लगी।
साथ ही निर्देश दिए गए कि पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत हर हाल में मिले, लेकिन इसकी आड़ में कोई अवैध खेल नहीं होना चाहिए। अब हर सप्ताह इसकी समीक्षा भी होगी।
कुल मिलाकर सुशासन तिहार की शुरुआत के साथ ही सीएम साय का सिंघम मूड देखने को मिल रहा है जिसमें वो लगातार जनता के हित में सख्ती के साथ एक्शन करते दिख रहे है।



