रायपुर के खमताराई इलाके में रविवार को एक प्रिंटिंग इंक के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना दोपहर के समय हुई, जब गोदाम से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में धुएं का घना और काला गुबार आसमान में फैल गया, जिससे आस-पास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने फोम डालकर आग को बुझाने का प्रयास किया और आखिरकार आग को फैलने से रोक लिया। हालांकि आग इतनी तेज थी कि उसने गोदाम के अंदर रखे सामान को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।
बताया जा रहा है कि जिस गोदाम में आग लगी थी, वहां बड़ी मात्रा में प्रिंटिंग इंक, थिनर और अन्य केमिकल जैसे ज्वलनशील पदार्थ रखे हुए थे। इन पदार्थों की वजह से आग तेजी से भड़क उठी और गोदाम का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी।
इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए खमताराई पुलिस जांच में जुट गई है। अधिकारियों ने बताया कि सौभाग्य से इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगते ही चारों ओर अफरा-तफरी मच गई थी। कई दुकानदारों ने सुरक्षा के लिहाज से अपनी दुकानें बंद कर दीं और आसपास के लोगों ने गोदाम से दूरी बना ली। फायर ब्रिगेड की तत्परता से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे आग पास की इमारतों तक नहीं फैल सकी।
यह घटना फिर एक बार शहर में औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वलनशील पदार्थों को रखने के लिए उचित सुरक्षा मानकों का पालन न करना और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच न होना ऐसे हादसों का कारण बनते हैं।



