रायपुर। महिला बिल को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बिल नहीं गिरा है, बल्कि पूरा विपक्षी दल गिर गया है।
अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं का विरोध करके विपक्ष ने अपनी मानसिकता उजागर कर दी है। उन्होंने याद दिलाया कि जब 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास हुआ था, तब विपक्ष ने खुद मांग की थी कि इसे जल्द लागू किया जाए। अब जब इसे लागू करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, तो वही विपक्ष विरोध कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल बेनकाब हो गए हैं और देश की जनता, खासकर महिलाएं, उन्हें इसका जवाब देंगी।
अग्रवाल ने संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी संविधान संशोधन बिल को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है और सरकार को भरोसा था कि महिला विधेयक पर कोई भी पार्टी विरोध नहीं करेगी, जैसे 2023 में यह सर्वसम्मति से पारित हुआ था। लेकिन इस बार विपक्ष ने अपने स्वार्थों के कारण इसे पास नहीं होने दिया, जो दुर्भाग्यजनक है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना और परिसीमन में समय लगने के कारण 2011 की जनगणना के आधार पर इसे लागू करने की बात थी, जिसमें कोई नई बात नहीं थी।
अग्रवाल ने कहा कि बीजेपी महिलाओं की हितैषी रही है, है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि 2023 में भी यह बिल बीजेपी और एनडीए सरकार ही लाई थी और अब भी वही इसे आगे बढ़ा रही है।







