छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। लंबे समय से नक्सल हिंसा से जूझ रहे दंतेवाड़ा जिले में अब हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। यहां सक्रिय बचे आखिरी 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है।
इन नक्सलियों पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर के बाद इन्होंने सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके आधार पर जंगलों में छिपाकर रखे गए 40 खतरनाक हथियार बरामद किए गए। यह बरामदगी नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
आत्मसमर्पण करने वाले सभी सदस्य दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े थे। इनमें पश्चिम बस्तर डिवीजन का एक एरिया कमेटी मेंबर (ACM) सोमे कड़ती भी शामिल है, जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा तीन अन्य सक्रिय सदस्य और एक महिला नक्सली कैडर भी शामिल हैं।
सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की निशानदेही पर भैरमगढ़ और गंगालूर इलाके में छिपाए गए हथियारों के जखीरे को बरामद किया। इनमें 8 SLR, 3 इंसास राइफल, एक कारबाइन, एक .303 राइफल और 5 BGL लॉन्चर समेत कुल 40 हथियार शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीतियों, लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के चलते नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर रहे हैं और नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।
दंतेवाड़ा में यह बदलाव सिर्फ सुरक्षा की जीत नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की जीत के रूप में देखा जा रहा है।



