छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों नकुलनाथ की अचानक बढ़ी सक्रियता चर्चा का विषय बन गई है। हाल ही में उनके छिंदवाड़ा दौरे ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है। इस दौरान उन्होंने नरसिंहपुर, इंदौर और सलकनपुर जैसे इलाकों में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
कार्यकर्ताओं के बीच बातचीत के दौरान नकुलनाथ भावुक भी नजर आए, जिसने इस पूरे दौरे को और भी खास बना दिया। उनकी इस भावनात्मक जुड़ाव ने यह संकेत दिया कि वे सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी कार्यकर्ताओं से मजबूत रिश्ता बनाना चाहते हैं।
पार्टी सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में नकुलनाथ प्रदेश के कई अन्य जिलों का दौरा कर सकते हैं। कई जिलों के कांग्रेस नेताओं ने उनके कार्यक्रम की मांग भी की है। ऐसे में यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि वे अब प्रदेश स्तर पर अपनी भूमिका को और मजबूत करने की तैयारी में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ फिलहाल हर जगह सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने नकुलनाथ को आगे बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। यही वजह है कि वे लगातार सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं।
इस बीच उनकी जीतू पटवारी के साथ सलकनपुर में सामने आई तस्वीरों ने भी नई चर्चाओं को जन्म दिया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस में युवा नेतृत्व का एक नया समीकरण तैयार हो रहा है। हालांकि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही।
जिस तरह से कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ नकुलनाथ से मिलने पहुंची, उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हें जल्द ही पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि यह जिम्मेदारी क्या होगी, इसका खुलासा अभी होना बाकी है।
फिलहाल चुनाव में अभी समय है, लेकिन नकुलनाथ की सक्रियता ने यह जरूर संकेत दे दिया है कि कांग्रेस आने वाले समय में नए रणनीतिक बदलावों की ओर बढ़ रही है। अब देखने वाली बात होगी कि इस बदलाव का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।



