सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाई दैनिक राजधानी और वंदे भारत की मांग

Madhya Bharat Desk
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नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग को लेकर रायपुर से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। रेलवे मंत्रालय के वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान उन्होंने ₹2.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड प्रावधान की सराहना करते हुए कहा कि यह देश के रेलवे ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को और अधिक सुविधाओं की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि राज्य की राजधानी को देश की राजधानी से जोड़ने के लिए पर्याप्त विकल्प नहीं हैं, इसलिए नई दिल्ली-बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस को सप्ताह में दो दिन की बजाय रोजाना चलाया जाना चाहिए। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा ज्यादा सुविधाजनक बन सकेगी। इसके साथ ही उन्होंने बढ़ती भीड़ और त्योहारों के दबाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, बिलासपुर-भगत की कोठी एक्सप्रेस और दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को भी दैनिक करने की मांग रखी।

सांसद अग्रवाल ने केवल लंबी दूरी की ट्रेनों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय यात्रियों की समस्याओं पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने रायपुर-रायगढ़ लोकल ट्रेन को फिर से शुरू करने और इसे दुर्ग तक बढ़ाने का सुझाव दिया, ताकि रोजाना आने-जाने वाले लोगों को राहत मिल सके। इसके अलावा उन्होंने रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस, गोंदिया-जबलपुर ट्रेन और मुंबई-नागपुर रूट की कुछ ट्रेनों को बिलासपुर तक बढ़ाने की मांग भी रखी, जिससे राज्य के अंदर और बाहर दोनों जगह कनेक्टिविटी मजबूत हो सके।

राज्य में आधुनिक और तेज रेल सेवा की जरूरत को देखते हुए उन्होंने दुर्ग से अंबिकापुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा। उनका मानना है कि इससे उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के बीच सफर आसान और तेज होगा। साथ ही उन्होंने रायपुर से हिसार तक सीधी ट्रेन चलाने का सुझाव दिया, जिससे यात्रियों को खाटूश्याम और पुष्कर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर बात करते हुए अग्रवाल ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे कार्यों की धीमी गति पर चिंता जताई और हथबंद, मरोदा और मंदिर हसौद जैसे स्टेशनों पर काम में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने सरोना, डब्ल्यूआरएस और मंदिर हसौद को माध्यमिक स्टेशन के रूप में विकसित करने, कुछ स्थानों पर रोड अंडर ब्रिज का आकार बढ़ाने और रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर व राजनांदगांव स्टेशनों पर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने की भी बात कही। इसके अलावा सिलयारी स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बहाल करने, जोरा स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेनों का स्टॉप शुरू करने, भानुप्रतापपुर से सुबह की ट्रेन सेवा शुरू करने और रायपुर में टिकट बुकिंग केंद्रों की संख्या बढ़ाने जैसे सुझाव भी दिए।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने रेलवे बजट का समर्थन करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप है और इससे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ का भी समग्र विकास संभव होगा।

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