रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की अफीम बरामद की है। इस मामले की जानकारी सोमवार को विधानसभा में गृहमंत्री विजय शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के समोदा गांव में शिवनाथ नदी के किनारे स्थित एक फार्महाउस में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 62,424.4 किलोग्राम अफीम के पौधे और उनकी फूल-पत्ती जब्त की। अधिकारियों के अनुसार जब्त की गई अफीम की अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ 80 लाख रुपये आंकी गई है।
इस मामले में पुलिस ने विकास विश्नाई, मनीष ठाकुर और विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। वहीं दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। फरार आरोपियों की खोज के लिए पुलिस की एक टीम राजस्थान के जोधपुर भेजी गई है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन में यह भी स्पष्ट किया कि आरोपियों को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया और कार्रवाई के दिन ही गिरफ्तारी कर ली गई थी।
उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। छापेमारी की कार्रवाई में पुलिस के साथ-साथ एफएसएल, आबकारी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भी शामिल थी।
गृहमंत्री ने सदन को यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2024 से फरवरी 2026 तक राज्य में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के 2947 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 5177 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान गांजा, अफीम, हेरोइन, ब्राउन शुगर, चरस और कोकीन समेत कई प्रकार के नशीले पदार्थ भी बड़ी मात्रा में जब्त किए गए हैं।
सरकार ने नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। इसके अलावा 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए 100 नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
नशे के खिलाफ अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। साथ ही शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।







