होली पर स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर डॉ. सत्येन्द्र पाण्डेय की विशेष अपील

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

होली के पावन पर्व पर नागरिक उत्साह के साथ अपनी सेहत का भी विशेष ध्यान रखें। टोटल होम्योपैथी इंस्टीट्यूट के मेडिकल डायरेक्टर एवं भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के रायपुर जिला संयोजक डॉ. सत्येन्द्र पाण्डेय ने शहरवासियों को रंग खेलने के दौरान त्वचा, आंख और श्वसन तंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सलाह दी है।

डॉ. पाण्डेय ने कहा कि रंगों का उत्सव आनंददायक तभी होता है जब हम सुरक्षित रहें।

रंग खेलने से पहले पूरे शरीर और चेहरे पर नारियल या सरसों के तेल (या अच्छे मॉइश्चराइज़र) की मालिश करें। बालों में तेल लगाकर रखें और संभव हो तो टोपी या स्कार्फ पहनें।

पूरी बाजू के कपड़े और फुल पैंट पहनें ताकि त्वचा रंगों के सीधे संपर्क में कम आए। नाखूनों को छोटा रखें और उन पर नेल पॉलिश लगा लें।

कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर होली न खेलें। सुरक्षा के लिए चश्मा या सनग्लास का उपयोग करें।

डॉ. सत्येन्द्र पाण्डेय ने विशेष रूप से दमा, साइनस और एलर्जी से पीड़ित मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति गुलाल के बारीक कणों से बचें और अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग करें, क्योंकि सूखा रंग फेफड़ों में संक्रमण या सांस की तकलीफ पैदा कर सकता है।

केमिकल युक्त गहरे रंगों और पेंट, पेट्रोल या डीजल जैसे हानिकारक पदार्थों के प्रयोग से बचें। डॉ. पाण्डेय के अनुसार, हल्दी, चंदन और फूलों से बने प्राकृतिक रंग स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित और लाभकारी हैं।

रंग छुड़ाने के लिए त्वचा को जोर से न रगड़ें। पहले सूखे कपड़े से रंग झाड़ें, फिर हल्के गुनगुने पानी और माइल्ड साबुन से स्नान करें।

स्नान के उपरांत त्वचा पर मॉइश्चराइज़र अवश्य लगाएँ।

आंखों में रंग जाने पर तुरंत साफ पानी से धोएं। यदि जलन या लाली बनी रहे, तो तत्काल विशेषज्ञ से परामर्श लें।

भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक के नाते डॉ. पाण्डेय ने अपील की है कि किसी के मुंह या आंख में जबरदस्ती रंग न डालें और त्योहार की गरिमा बनाए रखने के लिए अत्यधिक शराब के सेवन से दूर रहें।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment