सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकाली जा रही यह यात्रा पाटन ब्लॉक के कापसी, झीट, मोहुड़ा, खुडमुड़ा, जमराव, कोपेंडीह, मगरघटा, परसदा, पहंदा सहित अमलेश्वर नगर पालिका के कई वार्डों में पहुंची। जगह-जगह गाजे-बाजे और पारंपरिक स्वागत के साथ रथ यात्रा का अभिनंदन किया गया।
इस दौरान राज्य निर्माण संग्राम सेनानी लालाराम वर्मा, लखन निषाद, अशोक कश्यप, शिवनारायण ताम्रकार, चेतन देवांगन और विमलेश चंद्राकर के नेतृत्व में सभाएं आयोजित हुईं। बड़ी संख्या में किसान, युवा और महिलाओं ने संगठन की सदस्यता भी ली।
सभा को संबोधित करते हुए लालाराम वर्मा ने कहा कि पाटन क्षेत्र के लोगों ने राज्य निर्माण आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी और अब वही जनता छत्तीसगढ़ी अस्मिता, भाषा और संस्कृति के कथित अपमान के खिलाफ फिर से एकजुट हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ताकतें छत्तीसगढ़ी पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, जिसके खिलाफ व्यापक संघर्ष की जरूरत है।







