नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच चल रही अटकलों के बीच अब सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने साफ कहा है कि 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद पेंशन संशोधन का पूरा लाभ मिलेगा।
संसद में जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि जब भी नया वेतन आयोग लागू किया जाता है, तो उसकी सिफारिशों के आधार पर मौजूदा पेंशनभोगियों की पेंशन भी संशोधित की जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि Finance Act 2025 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं जो इस व्यवस्था में बदलाव करता हो।
इस बयान से उन कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत मिली है जो 2025 के अंत तक रिटायर होने वाले हैं और पेंशन रिवीजन को लेकर संशय में थे।
सोशल मीडिया पर नियुक्ति की जानकारी
सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग में आईआरएएस 2009 बैच के अधिकारी श्री कृष्णा वी. आर. को निदेशक पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी से की गई है।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी सबकी नजर
8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह 2.81 से 3.68 के बीच तय किया जा सकता है।
अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
वर्तमान में न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 25,000 रुपये तक किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और सरकार की स्वीकृति के बाद ही लिया जाएगा।
कब तक आएंगी सिफारिशें?
8वें वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी की गई थी। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में सिफारिशें 2027 तक आने की संभावना है।
हालांकि चर्चा है कि एरियर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है।
सरकार के ताजा बयान के बाद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच असमंजस काफी हद तक खत्म हो गया है। अब सभी की नजर आयोग की अंतिम सिफारिशों पर टिकी है।



