नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जिला अदालतों और उच्च न्यायालयों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और पंजाब की कई अदालतें इस धमकी की जद में आई हैं।
धमकी की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। एहतियातन सभी न्यायालय परिसरों को तत्काल खाली कराया गया। अदालतों में मौजूद न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
MP–छत्तीसगढ़ की अदालतें निशाने पर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और राजनांदगांव जिला न्यायालय, जबकि मध्य प्रदेश के रीवा जिला न्यायालय को धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। सूचना के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर परिसर की सघन तलाशी शुरू की।
डॉग स्क्वॉड की मदद से भी जांच की गई, हालांकि अब तक किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है।
साइबर सेल जुटी जांच में
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक धमकी ई-मेल के माध्यम से भेजी गई है। मेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने के लिए साइबर सेल को लगाया गया है। शुरुआती जांच में इसे दहशत फैलाने की कोशिश माना जा रहा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को हल्के में नहीं ले रही हैं।
बिहार की अदालतों में भी दहशत
बिहार के पटना, गया और किशनगंज की जिला अदालतों को भी बम की धमकी मिली। पटना सिविल कोर्ट को भेजे गए ई-मेल में RDX लगाए जाने का दावा किया गया, जिसके बाद पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया गया।
पीरबहोर थाना पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।
गया सिविल कोर्ट में भी सत्र न्यायाधीश की सरकारी ई-मेल आईडी पर धमकी भेजी गई। कोर्ट परिसर को सील कर बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। किशनगंज जिला कोर्ट में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, एसपी स्वयं मौके पर पहुंचे।
हिमाचल हाईकोर्ट और पंजाब में अलर्ट
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद पूरा कोर्ट परिसर खाली कराया गया और बम स्क्वॉड ने हर हिस्से की गहन जांच की। फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
पंजाब में भी रूपनगर, श्री आनंदपुर साहिब, फिरोजपुर और मोगा की जिला अदालतों को धमकी दी गई। पुलिस प्रशासन ने एहतियातन सभी कोर्ट परिसरों को खाली कराया, जबकि लुधियाना में मॉक ड्रिल भी शुरू की गई है।
फिलहाल सभी प्रभावित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।


