रायपुर।सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकाली जा रही छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा अपने छठवें दिन ऐतिहासिक क्षेत्र आरंग के आसपास के गांवों में व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ी। यह रथ यात्रा पारागांव होते हुए महासमुंद जिले में प्रवेश कर सिरपुर महोत्सव में संघर्ष को और तेज करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
31 जनवरी 2026 को रथ यात्रा ने ओडका, भिलाई, चरौदा, तामासिवनी, खपरी, गिधवा, छटेरा, गोइदा, निसदा एवं पारागांव सहित 10 गांवों का भ्रमण किया। जैसे ही छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ गांवों में पहुंची, किसान, जवान, मजदूर, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में चौक-चौराहों पर एकत्र हुए और
‘छत्तीसगढ़ी महतारी जिंदाबाद’
‘सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज जिंदाबाद’
के गगनभेदी नारे लगाए।
रथ यात्रा के उद्देश्यों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने संगठन की सदस्यता भी ग्रहण की। भिलाई, चरौदा, तामासिवनी, गोइदा, निसदा एवं पारागांव में जनसभाओं का आयोजन किया गया।
सभाओं को संबोधित करते हुए किसान नेता एवं रथ यात्रा प्रभारी लालाराम वर्मा ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस जैसी सत्ताधारी पार्टियां किसानों और समाज को जाति व पार्टी के नाम पर बांटकर भ्रष्टाचार और महंगाई के जरिए जनता का शोषण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज का उद्देश्य पार्टीबंदी और जातिबंदी से ऊपर उठकर शोषण, भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ एकजुट संघर्ष खड़ा करना है।
उन्होंने नारा दिया —
“जाति-पाति की करो विदाई, सब छत्तीसगढ़िया भाई-भाई।”
लालाराम वर्मा ने कहा कि जब किसान, जवान और महिलाएं संगठित होंगी, तभी समाज शोषण से मुक्त हो सकेगा।
सभा को आदिवासी नेता अशोक कश्यप, बृज बिहारी साहू और लक्ष्मी निषाद ने भी संबोधित किया और रथ यात्रा के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।







