रायपुर। छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) भर्ती को लेकर राजधानी रायपुर में मंगलवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। अभ्यर्थी गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की मांग पर उनके सरकारी आवास के बाहर डटे रहे, जिसे लेकर स्थिति और बिगड़ गई।
दरअसल, वर्ष 2018 में CAF में 1,786 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसमें लगभग 417 उम्मीदवारों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया था। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरे सात साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है। उनका आरोप है कि वर्तमान में CAF में तीन हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं, फिर भी वेटिंग लिस्ट को नजरअंदाज किया जा रहा है।
CAF वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवार पिछले एक महीने से रायपुर के तूता धरना स्थल पर अपने परिवार और बच्चों के साथ आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को वे चौथी बार गृहमंत्री निवास पहुंचे और सीधे मुलाकात की मांग पर अड़ गए। पुलिस द्वारा उन्हें हटाने की कोशिश किए जाने पर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं और बच्चों के साथ भी बल प्रयोग किया। एक महिला उम्मीदवार ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन हटाने का प्रयास किया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक गृहमंत्री से सीधी मुलाकात नहीं होगी, तब तक वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। इससे पहले दो बार उनकी गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात हो चुकी है, जिसमें जल्द समाधान का भरोसा दिया गया था। तीसरी बार मुलाकात न हो पाने के बाद से ही अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती चली गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबित भर्ती मामलों में स्पष्ट नीति और समयबद्ध निर्णय नहीं होने के कारण ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं। एक तरफ CAF जैसे सुरक्षा बलों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, वहीं चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके युवा बेरोजगारी झेलने को मजबूर हैं।
फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, जबकि अभ्यर्थी आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।



