इंदौर। मध्य प्रदेश कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान उस वक्त खुलकर सामने आ गई, जब राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान पार्टी के ही एक नेता ने प्रदेश नेतृत्व पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े कर दिए। दूषित पेयजल से प्रभावित लोगों से मुलाकात करने पहुंचे राहुल गांधी के सामने कांग्रेस नेता गजेंद्र वर्मा ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
सुरक्षा घेरा लांघकर राहुल गांधी तक पहुँचे गजेंद्र वर्मा
यह घटना भागीरथपुरा क्षेत्र की है। राहुल गांधी जैसे ही दूषित पानी से प्रभावित परिवारों से मिलकर लौट रहे थे, तभी कांग्रेस नेता गजेंद्र वर्मा अचानक सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए उनके काफिले के पास पहुँच गए। गजेंद्र वर्मा ने ऊँची आवाज में कहा—
“राहुल जी, जीतू पटवारी ने कांग्रेस को खत्म कर दिया है।”
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से मौके पर मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी कुछ पल के लिए सकते में आ गए। इससे पहले कि स्थिति संभाली जाती, पूरी घटना मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड हो चुकी थी। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई।
आखिर क्यों फूटा कार्यकर्ता का गुस्सा?
सूत्रों की मानें तो गजेंद्र वर्मा लंबे समय से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं। संगठन के भीतर मौजूद एक वर्ग का आरोप है कि—
- जमीनी और पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा हो रही है
- गुटबाजी के चलते पार्टी संगठन कमजोर पड़ा है
- प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद लगभग खत्म हो चुका है
कांग्रेस के लिए बढ़ी मुश्किलें
राहुल गांधी का यह दौरा पूरी तरह स्वास्थ्य संकट और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित था, लेकिन पार्टी के अंदरूनी विरोध ने इस मुद्दे को पीछे धकेल दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी की मौजूदगी में इस तरह का विरोध यह साफ संकेत देता है कि प्रदेश कांग्रेस में असंतोष गहराता जा रहा है। आगामी चुनावों से पहले यह अंदरूनी कलह पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
भाजपा का तंज
भाजपा ने इस घटनाक्रम पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर हमला बोला है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जो पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को साथ नहीं रख पा रही, वह प्रदेश की जनता का भरोसा कैसे जीतेगी?
फिलहाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का दावा है कि गजेंद्र वर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।







