अवैध ब्लास्टिंग की भेंट चढ़ी गर्भवती तेंदुआ, गर्भ में पल रहे 3 शावकों की भी मौत

Madhya Bharat Desk
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नई दिल्ली।बेंगलुरु के नजदीक स्थित बसवनतारा वन क्षेत्र में अवैध रॉक ब्लास्टिंग के चलते एक गर्भवती मादा तेंदुए और उसके तीन अजन्मे शावकों की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में मौत की वजह पास की खदान में हुए विस्फोट को माना जा रहा है।

गश्त के दौरान मिला तेंदुए का शव

यह मामला तब सामने आया जब बेंगलुरु सिटी डिवीजन के अंतर्गत कग्गलीपुरा रेंज के वनकर्मी नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान सर्वे नंबर 51 में एक मादा तेंदुए का शव मिला। अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए की मौत दो से तीन दिन पहले हो चुकी थी।

पोस्टमार्टम में हुआ बड़ा खुलासा

वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने जानकारी देते हुए बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया कि मृत तेंदुआ करीब 3 से 4 वर्ष की थी और गर्भवती थी। उसके गर्भ में तीन शावक पाए गए, जिससे कुल चार वन्यजीवों की जान जाने की पुष्टि हुई है।

ब्लास्टिंग से मौत की आशंका

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि नजदीकी खदान में किए गए भारी पत्थरों के विस्फोट से यह हादसा हुआ। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जांच के दिए सख्त निर्देश

यशवंतपुर से विधायक एस टी सोमशेखर द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह जांच की जाएगी कि क्या वन क्षेत्र के भीतर अवैध खनन गतिविधियां चल रही थीं। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी की लापरवाही या गैरकानूनी गतिविधि सामने आती है, तो उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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