रायपुर।नक्सल प्रभावित और वर्षों से उपेक्षित रहे छत्तीसगढ़ के सुदूर इलाकों में अब विकास की रफ्तार तेज होने लगी है। शांति और स्थिरता की दिशा में सफल प्रयासों के बाद अब डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की ओर बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत राज्य में बीएसएनएल के माध्यम से 513 नए 4G मोबाइल टावरों की स्थापना को मंजूरी दी है।
इस निर्णय से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को पहली बार भरोसेमंद मोबाइल नेटवर्क और तेज इंटरनेट सुविधा मिल सकेगी। इससे न केवल संचार व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान बनेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस फैसले को नक्सल उन्मूलन के बाद विकास की दिशा में एक ठोस पहल बताया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से शांति स्थापित हुई है, वहां अब डिजिटल सुविधाओं के जरिए विकास को मजबूती दी जा रही है। नए 4G टावरों से आपातकालीन सेवाओं, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मजबूत मोबाइल नेटवर्क से वित्तीय समावेशन को गति मिलेगी। ग्रामीण और सुदूर इलाकों में रहने वाले लोग बैंकिंग सेवाओं, डीबीटी, यूपीआई भुगतान, बीमा और पेंशन योजनाओं से सीधे जुड़ सकेंगे। इससे स्थानीय युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित राज्यों में केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि विकास को भी समान प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र के सहयोग से राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 513 नए 4G टावर छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और समावेशी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।



