उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में कुल 21 प्रस्ताव पेश हुए, जिनमें से 20 पर मंत्री परिषद ने अपनी सहमति दी। इन फैसलों का सीधा प्रभाव प्रदेश के विकास, धार्मिक पर्यटन, पेयजल सुविधाओं और दिव्यांगजन कल्याण पर दिखेगा।
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय अयोध्या से जुड़ा रहा, जहाँ भगवान राम से संबंधित एक भव्य म्यूजियम बनाने का प्रस्ताव पास किया गया। यह म्यूजियम 52 एकड़ ज़मीन पर बनेगा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही बरेली में पेयजल मिशन के लिए 265 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। पेयजल मिशन के दूसरे चरण में भी उतनी ही राशि स्वीकृत करने का फैसला हुआ।
सरकार ने मंडल मुख्यालयों पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र बनाने को भी मंजूरी दी है, जिससे दिव्यांगजनों को चिकित्सा सहायता, प्रशिक्षण और पुनर्वास की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा बागपत जिले में एक बड़ा योग केंद्र बनाने का निर्णय भी लिया गया, जो स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देगा।
✔ इन प्रमुख प्रस्तावों पर लगी मुहर
2017 उद्योग प्रोत्साहन नीति के तहत कई इंडस्ट्रियल यूनिट्स को प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
कानपुर में अमृत पेयजल योजना के दूसरे चरण को स्वीकृति।
बरेली में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता का प्रस्ताव पास।
कानपुर में नजूल जमीन को अस्पताल निर्माण हेतु विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित करने की मंजूरी।
वाराणसी के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम सिगरा को उच्च स्तरीय बनाने की मंजूरी।
अयोध्या में विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय के निर्माण की अनुमति, जिसमें पहले 25 एकड़ ज़मीन दी थी, अब उसे बढ़ाकर 52.102 एकड़ किया गया।
प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों में दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग के दो प्रस्तावों को भी अनुमोदन।



