शीतकालीन सत्र से पहले मोदी का तीखा वार, कुछ पार्टियां हार हज़म नहीं कर पातीं

Madhya Bharat Desk
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संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह मीडिया को संबोधित किया और विपक्ष पर सीधा राजनीतिक वार किया। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में जनता ने बड़े पैमाने पर वोट डाला है, खासकर महिलाओं ने रिकॉर्ड भागीदारी दिखाकर लोकतंत्र को नई ऊर्जा दी है।

PM मोदी ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा—“कुछ पार्टियां चुनाव में मिली हार को स्वीकार ही नहीं कर पातीं। बिहार परिणाम के बाद एक-दो दल अब भी सदमे से बाहर नहीं आए हैं। संसद पराजय की बौखलाहट का मैदान नहीं बननी चाहिए। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए।”

सोमवार 11 बजे से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होनी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में इंडिया ब्लॉक की बैठक जारी है, जिसमें सत्र की रणनीति पर अंतिम चर्चा हो रही है।

1 से 19 दिसंबर तक चलने वाले 19 दिवसीय सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी और सरकार 10 नए बिल पेश करने की तैयारी में है। इनमें एटॉमिक एनर्जी बिल भी शामिल है।

पहले दिन कौन-कौन से बिल आएंगे?

आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दो अहम विधेयक लोकसभा में पेश करेंगी—

  1. केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025
    – उद्देश्य: जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस की समाप्ति के बाद भी सिगरेट, तंबाकू जैसे उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी जारी रखना ताकि राजस्व बना रहे।
  2. स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025
    – उद्देश्य: ऐसे उत्पादों पर नया सेस लगाना जिन्हें स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण माना जाता है।

सत्र में किन मुद्दों पर घमासान हो सकता है?

विपक्ष की ओर से कई बड़े मुद्दों पर हंगामे के आसार हैं—

  • SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के दौरान हुई BLO की मौतों को लेकर सरकार पर हमला
  • बिहार चुनाव में EVM और ‘वोट चोरी’ का मुद्दा
  • CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संभावित महाभियोग प्रस्ताव
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ चल रहे महाभियोग की प्रगति
  • दिल्ली में 10 नवंबर ब्लास्ट पर चर्चा
  • नेशनल हेराल्ड केस में राहुल-सोनिया पर दर्ज नई FIR
  • दिल्ली प्रदूषण और नए लेबर लॉ पर विपक्ष का विरोध

सर्वदलीय बैठक में क्या बोली सरकार?

रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा—
“यह शीतकालीन सत्र है, उम्मीद है सब लोग ठंडे दिमाग से काम करेंगे और बेवजह की गर्मागर्म बहस से बचेंगे।”

SIR पर पूछे गए सवाल पर रिजिजू ने साफ कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम करता है, और वह उसके प्रवक्ता नहीं हैं।

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