क्या रायपुर–पचपेड़ी नाका मार्ग पर हर महीने होने वाले 13–14 हादसे अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछने से थम पाएंगे?

Madhya Bharat Desk
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रायपुर से पचपेड़ी नाका के बीच का रास्ता लंबे समय से सड़क हादसों का केंद्र बना हुआ था। हर महीने लगभग 13–14 दुर्घटनाएँ सामने आती थीं, जिनका बड़ा कारण सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे, लटकते तार और ट्रांसफ़ॉर्मर थे। भारी यातायात वाले इस मार्ग पर दोपहिया, चारपहिया और पैदल यात्रियों की लगातार आवाजाही रहती है, ऐसे में खंभों के कारण सड़क कई जगह संकरी हो जाती थी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता था।

इन हादसों को रोकने और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने इस पूरे मार्ग पर अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। लगभग 83 करोड़ रुपए की लागत से 12 किलोमीटर लंबाई में यह अंडरग्राउंड केबलिंग हो रही है। रायपुरा से लेकर पचपेड़ी नाका तक अधिकांश हिस्सों में खाई खोदकर केबल डालने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में रायपुर चौक और जगन्नाथ मंदिर के आसपास तेजी से केबल बिछाने का कार्य चल रहा है।

बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सड़क शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां रोज भारी वाहन और दुपहिया चलते हैं। बरसात के दौरान तार टूटने से करंट लगने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता था। क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि इस मार्ग की बिजली व्यवस्था अंडरग्राउंड हो, ताकि सड़क पर खतरा कम हो और यातायात सुचारु रहे।

अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद हादसों में बड़ी कमी आएगी। सड़क चौड़ीकरण की योजनाओं में भी तेजी आएगी, क्योंकि खंभों की वजह से कई जगह निर्माण कार्य रुक जाता था। बिजली के खंभों पर लगी स्ट्रीट लाइटें नगर निगम के पोलों में शिफ्ट की जाएँगी और फिर खंभे हटाए जाएँगे।

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