रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अमित बघेल के विवादित बयान को लेकर माहौल गर्मा गया है। सिंधी और अग्रवाल समाज के सैकड़ों लोगों ने गुरुवार को रायपुर के अयोध्या चौक और झुलेलाल धाम के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने कहा कि बघेल द्वारा धर्म गुरुओं और भगवानों के खिलाफ दिया गया बयान बेहद आपत्तिजनक और समाज को तोड़ने वाला है।
अमित बघेल, जो “जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी” और “छत्तीसगढ़ क्रांति सेना” से जुड़े हैं, ने कथित रूप से कहा था — “अयर्सेन महाराज की मूर्ति पर पेशाब क्यों नहीं करते, उनकी मूर्ति क्यों नहीं तोड़ी जाती?” इस टिप्पणी के सामने आने के बाद सिंधी और अग्रवाल समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
प्रदर्शनकारियों ने “सभी समाज के इष्टदेव का अपमान बंद करो” और “अमित बघेल की गिरफ्तारी करो” जैसे नारे लगाए। झुलेलाल धाम में हजारों लोगों ने एकत्र होकर नारेबाजी की और अमित बघेल की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
अग्रवाल समाज की सदस्य प्रीति अग्रवाल ने कहा कि यह बयान न केवल धर्म गुरुओं का अपमान है बल्कि समाजों के बीच नफरत फैलाने की साजिश है। उन्होंने कहा कि अब तक पुलिस ने अमित बघेल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, जो पूरी तरह गलत है।
वहीं, बीजेपी नेता अमित चिमनानी ने कहा कि सिंधी समाज ने हमेशा छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कोरोना काल में जब लोग एक-दूसरे से मिलने से डर रहे थे, तब सिंधी समाज के लोगों ने आगे बढ़कर मरीजों की मदद की थी। अब ऐसे समाज को अपमानित करने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सिंधी समाज ने साफ कहा है कि जब तक अमित बघेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, विरोध जारी रहेगा। प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह जल्द से जल्द इस विवाद पर कदम उठाए और समाज की भावनाओं का सम्मान करे।



