मुंबई। उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अनिल अंबानी समूह से जुड़ी लगभग ₹3,000 करोड़ की 40 संपत्तियों को जब्त कर लिया है। इन संपत्तियों में मुंबई, दिल्ली, नोएडा, चेन्नई और हैदराबाद स्थित बंगले, कॉर्पोरेट ऑफिस, कमर्शियल बिल्डिंग्स और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, अनिल अंबानी समूह की कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने बैंकों से लिए गए भारी भरकम कर्ज की रकम को गलत तरीके से दूसरी जगह डायवर्ट किया। इन लोन का अधिकांश हिस्सा बाद में एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) में बदल गया। ईडी की कार्रवाई इसी कथित वित्तीय गड़बड़ी के चलते की गई है।
सबसे ज्यादा चर्चा में मुंबई के पाली हिल इलाके का वह लग्जरी बंगला है, जिसकी कीमत ही सैकड़ों करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह बंगला मुंबई के सबसे पॉश इलाकों में स्थित है और इसमें हेलीपैड, जिम, स्पा, प्राइवेट थिएटर, बार लाउंज और ओपन टैरेस गार्डन जैसी शानदार सुविधाएं मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि यह बंगला अनिल अंबानी की सबसे प्रतिष्ठित संपत्तियों में से एक है।
ईडी के अनुसार, अनिल अंबानी समूह द्वारा बैंकों से लिए गए कर्ज को गलत तरीके से निवेश कर धनशोधन किया गया। जब्त की गई संपत्तियां इसी अवैध कमाई से जुड़ी बताई जा रही हैं। जांच एजेंसी अब इस पूरे वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि मनी ट्रेल (धन के प्रवाह) का पूरा खुलासा हो सके।
पिछले कुछ वर्षों में रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस इन्फ्रा जैसी कंपनियां गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही हैं। बैंक कर्जों के भुगतान में देरी और लोन के गलत उपयोग के आरोपों के कारण अब एजेंसियां अनिल अंबानी समूह की सभी शाखाओं की जांच में जुट गई हैं।
यह कार्रवाई देश के कॉर्पोरेट जगत में एक बड़ा झटका मानी जा रही है, जो यह संकेत देती है कि वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में अब बड़े उद्योगपति भी एजेंसियों के रडार से बाहर नहीं हैं।



