“राज्योत्सव के बीच पीएम का स्नेहाशिर्वाद: तीजन बाई और विनोद कुमार शुक्ल से फोन पर हाल-चाल

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2025 को आयोजित छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर राज्य के दो प्रतिष्ठित सांस्कृतिक हस्तियों से फोन द्वारा संवाद किया। उन्होंने लोककलाकार तीजन बाई तथा साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल (या उनके परिजनों) से उनके स्वास्थ्य व कुशल-क्षेम की जानकारी ली और कहा कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो वे सीधे सम्पर्क कर सकते हैं।

तीजन बाई, जिन्हें लोकगायकी व ‘पंडवानी’ शैली की प्रख्यात कलाकार के रूप में जाना जाता है, को प्रधानमंत्री ने फोन पर शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद उन्होंने साहित्य-विस्तार में समृद्ध लेखक विनोद कुमार शुक्ल से भी संवाद किया, जिनके स्वास्थ्य को लेकर सूचना प्राप्त हुई थी।

यह कदम सिर्फ औपचारिक प्रतीक्षा नहीं था बल्कि यह इस बात का प्रतीक भी है कि राष्ट्र-स्तर पर सांस्कृतिक हस्तियों को सम्मान व देखभाल मिल रही है। सांस्कृतिक विरासत के प्रतिमानों से व्यक्तिगत रूप से जुड़ना यह दिखाता है कि विकास-और-उत्कर्ष के बीच मानवीय संबंध, सामाजिक सम्मान व कलात्मक योगदान की अहमियत भी बनी हुई है। इस तरह का सान्निध्य प्रदेशों के “उत्सव” के अवसर को केवल घोषणात्मक से हटाकर संवेदनशील व सामूहिक अनुभव में बदल देता है।

छत्तीसगढ़ में इस दिन अनेक विकास-परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ, लेकिन इन दो संवादों से यह संदेश गया कि प्रदेश के विकास के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक धरोहर व कलाप्राप्त की स्थिति भी ध्यान में है। यह एक संतुलित राष्ट्र-दृष्टि को दर्शाता है — जहाँ समृद्धि के साथ सम्मान, प्रगति के साथ आदर और तकनीकी उन्नति के साथ मानवीय जुड़ाव भी महत्वपूर्ण माना गया है।

इस प्रकार, प्रधानमंत्री का यह कदम संयोजन है विकास-कार्यक्रमों और सांस्कृतिक संवेदना का — एक आधुनिक राज्य-यात्रा में कला-मानव को पीछे न छोड़ने का वचन।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment