कांग्रेस का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला: कहा– SIR केवल वोट हटाने की कवायद, न मतदाता संतुष्ट न विपक्ष

Madhya Bharat Desk
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चुनाव आयोग द्वारा 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की घोषणा के बाद कांग्रेस ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि बिहार में पहले हुए SIR के दौरान 65 लाख वोटर लिस्ट से हटाए गए, लेकिन नए नाम नहीं जोड़े गए — अब वही प्रक्रिया देशभर में दोहराई जा रही है।

कांग्रेस का आरोप – ‘SIR लोकतंत्र के खिलाफ साजिश’

पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि बिहार में हुए SIR को लेकर आज तक आयोग कोई ठोस जवाब नहीं दे पाया। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर थी कि सुप्रीम कोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। खेड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को अपनी “कठपुतली” बना दिया है।

उन्होंने कहा, “बिहार में 65 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, लेकिन एक भी नया नाम नहीं जोड़ा गया। अब यही प्रक्रिया 12 राज्यों में चलाई जा रही है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर गहरा संदेह पैदा हो गया है।”

राहुल गांधी के दावे पर भी कांग्रेस का संकेत

पवन खेड़ा ने बताया कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में राहुल गांधी के “वोट चोरी” वाले खुलासे के बाद जांच में पाया गया कि वोटर लिस्ट में हेराफेरी का संगठित नेटवर्क सक्रिय था। उन्होंने कहा कि SIT की जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देशभर में जगह-जगह मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की जा रही है और चुनाव आयोग ने इन मामलों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

आयोग ने दी सफाई – उद्देश्य पारदर्शिता

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि SIR का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू होगा और 4 दिसंबर तक चलेगा।
उन्होंने बताया कि 9 दिसंबर को मतदाता सूची का प्रारूप जारी होगा और अंतिम सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
कुमार ने कहा, “SIR का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई योग्य मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में न रहे।”

इन राज्यों में होगा SIR

SIR का यह चरण अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में चलेगा।
इनमें से कई राज्यों — विशेषकर केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल — में वर्ष 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

ज्ञानेश कुमार ने यह भी बताया कि असम में मतदाता सूची का पुनरीक्षण अलग से किया जाएगा, क्योंकि वहां नागरिकता कानून के विशेष प्रावधान लागू हैं।
उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद यह नौवां SIR है, पिछली बार यह प्रक्रिया 2002-04 में हुई थी।

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