मधुबनी:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर जनसुराज पार्टी ने बड़ा दांव खेला है। कांग्रेस छोड़कर हाल ही में जनसुराज में शामिल हुए अधिवक्ता संजय मिश्रा को पार्टी ने बिस्फी विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने ब्राह्मण समाज से आने वाले मिश्रा पर भरोसा जताकर मधुबनी जिले में एक नया राजनीतिक समीकरण खड़ा कर दिया है।
संजय मिश्रा को टिकट मिलने के बाद जनसुराज कार्यकर्ताओं में उत्साह है, वहीं विपक्षी दलों के बीच नई रणनीति को लेकर हलचल तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि मिश्रा की सादगी और जनसंपर्क ही उन्हें चुनावी मैदान में मजबूती देंगे।
जनसुराज ने अब तक घोषित किए ये उम्मीदवार:
बिस्फी से संजय मिश्रा के अलावा जनसुराज ने अब तक चार और प्रत्याशी घोषित किए हैं —
- बेनीपट्टी से मोहम्मद परवेज आलम (मुस्लिम समाज)
- हरलाखी से रत्नेश्वर ठाकुर (भूमिहार समाज)
- झंझारपुर से केशव चंद्र भंडारी (अति पिछड़ा कामत समाज)
- राजनगर (सुरक्षित) से डॉ. सुरेंद्र कुमार दास
इन पांच उम्मीदवारों में तीन ऐसे नाम हैं जो पहले अन्य प्रमुख दलों से जुड़े रहे हैं। संजय मिश्रा पहले कांग्रेस में थे, केशव चंद्र भंडारी राजद से और डॉ. सुरेंद्र कुमार दास भाजपा से संबंध रख चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषण:
मधुबनी जिले में जनसुराज का यह कदम ब्राह्मण और अति पिछड़ा वोट बैंक को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस छोड़ने के बाद संजय मिश्रा का जनसुराज में आना स्थानीय राजनीति में नए समीकरण तय कर सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि मिश्रा अपनी नई राजनीतिक पारी में कितना प्रभाव डाल पाते हैं और क्या जनसुराज इस सीट पर कोई नया इतिहास रच पाती है।







