भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की सीटों पर आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। भागलपुर, नाथनगर और सुल्तानगंज सहित जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सभी निर्वाची पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
भागलपुर विधानसभा का नामांकन सदर अनुमंडल कार्यालय में होगा, नाथनगर विधानसभा का नामांकन एडीएम कार्यालय में और सुल्तानगंज के लिए डीसीएलआर कार्यालय में प्रपत्र भरे जाएंगे। इसके अलावा, पीरपैंती, कहलगांव, गोपालपुर और बिहपुर विधानसभा क्षेत्रों में भी नामांकन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
निर्वाची पदाधिकारियों ने की समीक्षा बैठकें:
भागलपुर के निर्वाची पदाधिकारी विकास कुमार, नाथनगर के दिनेश राम और सुल्तानगंज के अपेक्षा मोदी ने अपने-अपने कार्यालयों में बैठक कर नामांकन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी कर्मियों को नामांकन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही, सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था, एएमएफ (सुनिश्चित बुनियादी सुविधाएं) उपलब्ध कराने और मतदाता जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
नामांकन की अंतिम तिथि और नियम:
दूसरे चरण की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी हुई है। उम्मीदवार 20 अक्टूबर तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। नामांकन का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक तय किया गया है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को ₹10,000 और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को ₹5,000 एनआर कटानी के रूप में जमा करना होगा।
राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त दलों के प्रत्याशियों को एक प्रस्तावक और स्वतंत्र उम्मीदवारों को 10 प्रस्तावक की आवश्यकता होगी। प्रस्तावक उसी विधानसभा क्षेत्र का होना अनिवार्य है, जहां से उम्मीदवार नामांकन कर रहा है।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण शर्तें:
नामांकन के दिन उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए। अगर किसी उम्मीदवार का आपराधिक रिकॉर्ड है, तो उसे अपना आपराधिक इतिहास प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में तीन बार प्रकाशित करना अनिवार्य होगा।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया चुनाव की सबसे संवेदनशील कड़ी है। इसलिए सभी अधिकारियों को नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए और उम्मीदवारों को नामांकन पत्र भरने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।



