प्रभात मिश्रा को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में सदस्य पद की जिम्मेदारी मिली

Madhya Bharat Desk
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प्रभात मिश्रा: साहित्य, पत्रकारिता और पर्यावरण संरक्षण के संवेदनशील प्रहरी

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, साहित्यिक और सामाजिक विरासत को समृद्ध करने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार श्री प्रभात मिश्रा को हाल ही में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर की कार्यपरिषद का सदस्य नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई है, जो उनके लंबे सामाजिक, साहित्यिक और पर्यावरणीय योगदान की सम्मानजनक स्वीकृति मानी जा रही है।

पत्रकारिता और समाजसेवा में विशिष्ट पहचान
श्री मिश्रा ने समाजशास्त्र और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने आकाशवाणी, दूरदर्शन और राष्ट्रीय न्यूज चैनलों के माध्यम से जनजागरण का कार्य किया। उनके कार्यक्रम ‘घर संसार’ के जरिए भूजल संरक्षण जैसे विषयों पर समाज को जागरूक किया गया।

साहित्य और संस्कृति के पुरोधा
साहित्य के क्षेत्र में भी उनका योगदान अमूल्य रहा है। उनकी रचनाएँ — महासागर, दुधाधारी प्रकाश जैसी पुस्तकें — छत्तीसगढ़ की संस्कृति और इतिहास को नई दृष्टि देती हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ राजभाषा स्मारिका और मीडिया विमर्श जैसी राष्ट्रीय पत्रिकाओं का संपादन किया है। सावरकर सौरभ और छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक विकास जैसे ग्रंथों के माध्यम से उन्होंने सांस्कृतिक चेतना को सशक्त किया है।

पर्यावरण संरक्षण के सच्चे प्रहरी
प्रभात मिश्रा एक समर्पित पर्यावरणविद् भी हैं। उन्होंने वॉटर वारियर बनकर जल सत्याग्रह अभियान चलाया, खारून नदी के किनारे वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया और नदी संरक्षण यात्राएँ आयोजित कीं।
उन्होंने नरहरेश्वर सरोवर में प्रदूषण रोकने और भगवान बालाजी ट्रस्ट की भूमि को अतिक्रमण से बचाने हेतु उच्च न्यायालय में जनहित याचिकाएँ दायर कीं।

ग्रामीण विकास और शिक्षा में सक्रिय भूमिका
उन्होंने ग्राम विकास शोध समाधान केंद्र की स्थापना कर ग्रामीण युवाओं के लिए पुस्तकालय और जैविक खेती के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए। समाज के प्रति उनकी निष्ठा के कारण उन्हें अनेक राज्य और राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं।

सांस्कृतिक चेतना के अग्रदूत
श्री मिश्रा परशुराम संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने वर्ष 1990 में छत्तीसगढ़ में परशुराम जयंती मनाने की परंपरा की शुरुआत की थी।

कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में उनकी नियुक्ति को छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।
अपनी नई भूमिका में वे निश्चित रूप से पत्रकारिता शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को नई दिशा देने का कार्य करेंगे।

उनकी नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के महासचिव अजय शर्मा ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

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