पश्चिम बंगाल विधानसभा का सत्र गुरुवार को अभूतपूर्व हंगामे का गवाह बना। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुँच गया। भाजपा के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) को मार्शलों द्वारा सदन से बाहर घसीटते हुए निकाला गया। इस घटना के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।
सदन की कार्यवाही के दौरान हंगामे और अव्यवस्था के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के तीन विधायकों को निलंबित कर दिया। विपक्षी विधायकों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और नारेबाजी तेज कर दी। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कड़े नारे लगाए। उन्होंने “मोदी चोर” और “वोट चोर” जैसे नारे लगाकर भाजपा पर तीखा हमला बोला।
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर बंगाल की राजनीति में गहरी खींचतान और सत्ता-पक्ष एवं विपक्ष के बीच बढ़ती खाई को उजागर करता है। विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा केवल अराजकता फैलाना चाहती है। इस टकराव से विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई और आम जनता के मुद्दे पीछे छूट गए।



