मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। सरकार ने इस दिशा में विशेष पहल करते हुए उर्वरक की लागत कम करने और डीएपी खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। साथ ही, किसानों को नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि आधुनिक और किफायती खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य के विपरीत सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े।
अब तक किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। सहकारी समितियों और निजी क्षेत्रों में यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। प्रदेश के किसान भी उत्साहपूर्वक नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं, जिससे लागत में कमी के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता बेहतर होने की संभावना है।



