रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली 90% दवाएं महासमुंद की एक ही कंपनी से सप्लाई हो रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कंपनी की सैकड़ों दवाएं अमानक (Substandard) पाई गईं, फिर भी न इसे ब्लैकलिस्ट किया गया और न ही सप्लाई रोकी गई।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे खेल को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, CGMSC की पूर्व MD पद्मिनी भोई और GM टेक्निकल हिरेन पटेल का संरक्षण प्राप्त रहा है। यही वजह है कि वर्षों से कंपनी बेखौफ दवाएं सप्लाई करती रही और अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे।
अमानक दवाओं से बढ़ रहा मौत का खतरा
सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले कई मरीजों ने बताया कि दवाएं खाने के बावजूद हालत बिगड़ती चली गई और उन्हें मजबूरन निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सीधा-सीधा जनता की जान से खिलवाड़ है। अमानक दवाओं की वजह से कई मरीजों की जान भी गई होगी, लेकिन इस पर किसी स्तर पर गंभीर जांच नहीं हुई।
ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं हुई कंपनी?
नियमों के मुताबिक, जिस कंपनी की दवाएं बार-बार फेल हों, उसे तुरंत ब्लैकलिस्ट कर देना चाहिए। लेकिन इस कंपनी को लगातार छूट दी जाती रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर समय रहते कार्रवाई की जाती तो मरीजों की जान बच सकती थी।
जानकारों का कहना है कि कंपनी को बचाने के पीछे बड़े स्तर पर कमीशन और भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि जब पूरी फाइल स्वास्थ्य मंत्री और CGMSC अधिकारियों तक जाती है, तो उन्होंने क्यों आंखें मूंद लीं।
सस्पेंशन और जांच की मांग तेज
इस घोटाले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल समेत CGMSC के जिम्मेदार अधिकारियों पर सस्पेंशन और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठने लगी है। सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस मामले पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और निर्दोष मरीजों की मौत हो सकती है।
जनता का गुस्सा यह कह रहा है कि अब सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। दोषी मंत्री और अधिकारियों को पद से हटाकर न्यायिक जांच कराई जाए।
जनता को अपील
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे चुप न बैठें और इस घोटाले के खिलाफ आवाज उठाएं। स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा पर भ्रष्टाचार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।







