नई दिल्ली।समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहली बार कांग्रेस पार्टी पर बड़ा और सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थापना किसी स्वतंत्रता सेनानी ने नहीं बल्कि एक अंग्रेज अधिकारी ए.ओ. ह्यूम ने की थी, जो इटावा का कलेक्टर और इंडियन सिविल सर्विस का अफसर था।
अंग्रेज रहे कांग्रेस अध्यक्ष
अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस के कई अध्यक्ष अंग्रेज थे, जिनमें जॉर्ज यूल और विलियम वेदरबर्न जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी लोग अंग्रेज सरकार में बड़े पदों पर थे और स्वतंत्रता संग्राम से उनका कोई संबंध नहीं था।
ब्रिटिश हुकूमत से जुड़े भारतीय भी कांग्रेस में
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई भारतीय, जो ब्रिटिश सरकार में जज या यूनिवर्सिटी के कुलपति रहे, वे भी कांग्रेस से जुड़े थे। उदाहरण के तौर पर उन्होंने एन.जी. चंद्रावकर का नाम लिया, जो बंबई हाईकोर्ट के जज रहते हुए वीर सावरकर को काला पानी की सजा सुना चुके थे। चंद्रावकर बाद में कांग्रेस अध्यक्ष बने और फिर दोबारा ब्रिटिश सरकार में जज के पद पर लौटे।
देश के विभाजन का जिम्मा कांग्रेस पर
अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार है और आज सच्चाई सामने आ रही है। उनका यह बयान कांग्रेस और सपा के बीच नए राजनीतिक समीकरणों पर गहरा असर डाल सकता है।



