छत्तीसगढ़ सरकार नवा रायपुर को सौर ऊर्जा आधारित स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है कि नवा रायपुर को “सोलर सिटी” के रूप में बदला जाएगा। इस परियोजना का प्रस्ताव क्रेडा (छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण) द्वारा तैयार किया गया है, जिसके अध्यक्ष भूपेंद्र सबरी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा ने इस दिशा में विशेष पहल की है।
नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और अब आने वाले समय में इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना की जाएगी, जिससे शहर की बिजली ज़रूरतों को अक्षय ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा। यह पहल अटल नगर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की ओर एक बड़ा कदम है।
भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें सौर ऊर्जा की बड़ी भूमिका होगी। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नवा रायपुर में ग्रिड-कनेक्टेड सौर संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। इन संयंत्रों को ऐसे स्थानों पर स्थापित किया जाएगा जो छायामुक्त हों, जैसे कि इमारतों की छतें और खुले क्षेत्र। इनसे उत्पन्न बिजली को नेट मीटरिंग प्रणाली के माध्यम से ग्रिड में प्रवाहित किया जाएगा।
वर्तमान में राज्य में 1 से 500 किलोवाट तक की क्षमता के सौर संयंत्रों की स्थापना की जा रही है। इस योजना से नवा रायपुर न केवल पर्यावरण अनुकूल बनेगा, बल्कि यह आने वाले समय में देश के लिए एक प्रेरणास्रोत भी होगा। यह पहल न केवल ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देगी बल्कि स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव भी रखेगी।



