छत्तीसगढ़ में वर्तमान सरकार द्वारा बिजली बिल में मिलने वाली छूट को लेकर जो प्रचार किया जा रहा है, वह जनता के बीच भ्रम फैलाने का एक प्रयास प्रतीत होता है। सरकार दावा कर रही है कि यह राहत उनकी नीतियों का नतीजा है, लेकिन साथ ही इसके लिए जिम्मेदार पिछली कांग्रेस सरकार को ठहराया जा रहा है।
यह सवाल उठना लाज़मी है कि यदि हर लाभकारी योजना के पीछे पिछली सरकार की भूमिका है, तो वर्तमान सरकार की भूमिका क्या है? क्या वह केवल श्रेय लेने और जिम्मेदारी से बचने के लिए है? अगर सारी अच्छी योजनाएं कांग्रेस की हैं, और आपकी सरकार बस उनका क्रियान्वयन कर रही है, तो फिर बदलाव के नाम पर आपको सत्ता क्यों सौंपी गई?
जनता ने बदलाव की उम्मीद में सरकार को चुना था – बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए। लेकिन अगर हर मोर्चे पर पिछली सरकार को दोष देकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ा जा रहा है, तो यह लोकतंत्र का उपहास है।
जनता पूछ रही है – क्या आपको सत्ता सिर्फ़ जनता का ‘तेल निकालने’ के लिए मिली है? महंगाई बढ़ती जा रही है, रोज़गार घटता जा रहा है, और आम लोगों की कमर टूट रही है। इन गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस कार्य योजना नहीं दिखती, सिर्फ़ बयानबाज़ी और पिछली सरकार पर दोषारोपण किया जा रहा है।



