बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित ग्राम पाथरी में दिनांक 2 अगस्त 2025 को एक अद्वितीय और जनकल्याणकारी आयोजन संपन्न हुआ। इस दिन पुलिस चौकी परिसर में एक विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं मोतियाबिंद जांच-ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य न केवल ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना था, बल्कि शासन की सेवाओं और प्रशासन के भरोसे को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाना भी था।
यह आयोजन पुलिस प्रशासन, अश्रित फाउंडेशन असाटी दवाखाना मोहगांव, प्योरिटी सर्विसेस जैन हॉस्पिटल बालाघाट, एवं देवजी नेत्रालय जबलपुर के संयुक्त प्रयासों से “एकल सुविधा केंद्र” एवं सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के अंतर्गत सम्पन्न हुआ। शिविर में 250 से अधिक मरीजों का नि:शुल्क परीक्षण किया गया, जिसमें मलेरिया, सिकल सेल एनीमिया, शुगर, ईसीजी तथा अन्य बीमारियों की जांच की गई। मोतियाबिंद जांच के अंतर्गत 45 मरीज चिन्हित हुए, जिनमें से 18 का ऑपरेशन हेतु चयन किया गया तथा 7 मरीजों को तत्काल जबलपुर रेफर किया गया।
चिकित्सा सेवाओं में डॉ. प्रभाशंकर मिश्रा, डॉ. सहन कुमार, डॉ. अंकित असाटी, डॉ. श्रद्धा असाटी और देवजी नेत्रालय के अमित देशपांडे ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर नि:शुल्क दवाएं भी मरीजों को उपलब्ध कराई गईं।
शिविर में एकल सुविधा केंद्र के माध्यम से 190 ग्रामीणों के जाति प्रमाण पत्र बनाए गए और उन्हें वितरित किए गए, जिससे अब वे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ सरलता से प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को घटाने की दिशा में एक अहम कदम थी।
इस अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा विशेष पुलिस सहयोगी भर्ती अभियान के तहत ग्रामीण युवाओं को जागरूक किया गया। मुनादी कर यह बताया गया कि यह भर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को शासकीय सेवा से जोड़ने का एक अनमोल अवसर है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं।







