छत्तीसगढ़ सरकार ने तकनीक के क्षेत्र में एक और अहम पहल की है। राज्य के पंजीयन कार्यालयों को अब पूरी तरह डिजिटल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था से अब लोगों को रजिस्ट्री दस्तावेजों की हार्ड कॉपी के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मुख्य विवरण:
सरकार की नई पहल के तहत अब रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस हो रही है। इसके अंतर्गत रजिस्ट्री की सॉफ्ट कॉपी संबंधित पक्षकारों को सीधे ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जाएगी। साथ ही, इन दस्तावेजों को डिजीलॉकर में भी स्टोर किया जाएगा, जिससे नागरिक किसी भी समय इन्हें डाउनलोड कर सकेंगे। यह पहल रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और सुगम बनाएगी।
डिजिटलीकरण की इस प्रक्रिया में उपयोगकर्ताओं को न केवल फिजिकल रूप से कार्यालय जाने से मुक्ति मिलेगी, बल्कि रजिस्ट्री की स्थिति की जानकारी भी ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी। इससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
लाभ:
इस पहल से आम जनता को कई फायदे होंगे—
1. समय और श्रम की बचत
2. दस्तावेजों की डिजिटल सुरक्षा
3. भ्रष्टाचार की संभावनाओं में कमी
4. सरकारी प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता
5. डिजीलॉकर जैसी सेवाओं से कभी भी दस्तावेज़ की उपलब्धता






