मध्यप्रदेश में सहारा समूह की एक और बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच में पता चला है कि समूह ने 310 एकड़ बेशकीमती जमीन, जिसकी बाजार कीमत करीब 1000 करोड़ रुपये आंकी गई थी, उसे मात्र 90 करोड़ में बेचने की तैयारी की थी। इस मामले में सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के बेटे सीमांतों रॉय सहित कई शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।


EOW की एफआईआर के अनुसार, यह सिर्फ संपत्ति की हेराफेरी नहीं, बल्कि सुनियोजित जालसाज़ी, धोखाधड़ी और साजिश का मामला है। जांच में यह भी सामने आया कि इस डील के जरिए करीब 73 करोड़ रुपये की गड़बड़ी को अंजाम दिया गया।
प्रमुख शिकायतकर्ता मनु दीक्षित ने आरोप लगाया कि—
“यह सौदा सिर्फ जमीन का नहीं, करोड़ों निवेशकों के विश्वास का गला घोंटने की साजिश है। अब लड़ाई न्याय के आखिरी पड़ाव तक जाएगी।”
पूर्व में भी सहारा समूह पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अब यह मामला अदालत में है और जांच एजेंसियों जैसे सीबीआई या ईडी की कार्रवाई की संभावना प्रबल हो गई है।
यह केवल जमीन का सौदा नहीं, बल्कि भरोसे की खुली लूट है।






