प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मालदीव पहुंचे हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मोदी का यह दौरा स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने और कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर करने के उद्देश्य से किया गया है।
पीएम मोदी का मालदीव आगमन बड़े सम्मान और उत्साह के साथ हुआ। एयरपोर्ट पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुज्जू ने उनका स्वागत किया। स्वागत समारोह में पारंपरिक मालदीवी नृत्य का आयोजन भी किया गया, जिससे दोनों देशों की सांस्कृतिक साझेदारी को भी दर्शाया गया।
प्रधानमंत्री ने मालदीव में बसे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को सुना। यह मोदी की तीसरी मालदीव यात्रा है, जो इस बात को दर्शाता है कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ घनिष्ठ संबंधों को प्राथमिकता देता है।
इस यात्रा के दौरान भारत और मालदीव के बीच रक्षा सहयोग को लेकर भी बातचीत होनी है। डिफेंस समझौतों पर हस्ताक्षर की संभावना है, जिससे दोनों देशों की समुद्री सुरक्षा और आपसी सहयोग और भी मजबूत होगा। इस दौरे के माध्यम से भारत ने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को एक बार फिर से दर्शाया है।
यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं बल्कि दक्षिण एशिया में भारत की प्रभावी भूमिका को रेखांकित करता है। उम्मीद है कि यह यात्रा क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा और विकास में मील का पत्थर साबित होगी।



