बिहार के जमुई जिले में शनिवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा हो गया। सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी जसीडीह–झाझा रेलखंड पर अचानक पटरी से उतर गई। इस दुर्घटना में मालगाड़ी के कुल 15 डिब्बे डिरेल हो गए, जिनमें से 10 डिब्बे रेलवे पुल पर पलट गए, जबकि 5 डिब्बे नीचे बडुआ नदी में जा गिरे।
यह हादसा पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल अंतर्गत रेलवे ब्रिज संख्या 676 के पास रात करीब 11:40 बजे हुआ। मालगाड़ी आसनसोल से झाझा की ओर अप लाइन पर जा रही थी। घटना के बाद पटना–हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है और पिछले 7 घंटे से ज्यादा समय से कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर फंसी हुई हैं।
पटरी उखड़ने से हादसे की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार, मालगाड़ी जैसे ही पुल के पास पहुंची, अचानक पटरी उखड़ गई, जिससे तेज आवाज के साथ डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ते चले गए। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अप लाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन तक सिमट गई। कुछ डिब्बे पुल से लटकते हुए नजर आए, जबकि कई सीधे नदी में गिर गए।
जसीडीह–किऊल रेलखंड पर परिचालन ठप
मालगाड़ी के डिरेल होते ही जसीडीह–किऊल रेलखंड पर रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया। अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। इस रूट पर चलने वाली कई यात्री और मालगाड़ियां जसीडीह, सिमुलतला समेत आसपास के स्टेशनों पर खड़ी कर दी गई हैं।
यात्री ट्रेन होती तो बड़ा नुकसान संभव था
आसनसोल रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी (PRO) विपुला बौरी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत और बहाली कार्य के लिए टीमें मौके पर भेज दी गई हैं। रेलवे कर्मचारी युद्ध स्तर पर दुर्घटनाग्रस्त बोगियों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल अप और डाउन दोनों लाइनें प्रभावित हैं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, भारी संख्या में डिब्बे डिरेल होने के कारण बहाली कार्य में 8 से 10 घंटे तक का समय लग सकता है, जिसका असर रेल परिचालन पर बना रहेगा। राहत की बात यह है कि हादसे के समय कोई यात्री ट्रेन वहां से नहीं गुजर रही थी, वरना बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
गौरतलब है कि किऊल–जसीडीह रेलखंड पर पहले भी मालगाड़ियां डिरेल हो चुकी हैं। सितंबर 2025 में लखीसराय–किऊल के पास सीमेंट लदी मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए थे। वहीं दिसंबर 2024 में झाझा के पास भी एक मालगाड़ी के दो वेगन बेपटरी हो गए थे।



