फिट इंडिया: सरकारी दफ्तरों में लगेगा ‘ऑयल-शुगर बोर्ड’, मोटापे के खिलाफ बड़ा अभियान

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

नई दिल्ली – तेजी से बढ़ रहे मोटापे और अस्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों, विभागों और सरकारी संस्थानों में ‘ऑयल और शुगर बोर्ड’ लगाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें समोसा, कचौड़ी, वड़ा पाव जैसे लोकप्रिय नाश्तों में मौजूद तेल और चीनी की मात्रा की जानकारी दी जाएगी।

क्या है ऑयल-शुगर बोर्ड योजना?

इस योजना के तहत, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे बोर्ड या डिजिटल डिस्प्ले लगाए जाएंगे, जो बताएंगे कि किस खाने में कितना तेल और चीनी छिपा है। इसका उद्देश्य है कि लोग सजग होकर अपने लिए स्वस्थ भोजन विकल्प चुनें।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या अपील की है?

  • हर दफ्तर में ऑयल और शुगर बोर्ड लगाना
  • सरकारी स्टेशनरी पर स्वास्थ्य संदेश छापना (जैसे – कम तेल, कम चीनी – सेहत के लिए अच्छी जिंदगी)
  • हेल्दी फूड का प्रबंध (कम वसा, फल-सब्जियां अधिक, मीठे पेय और तले-भुने भोजन सीमित)
  • शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा (सीढ़ियाँ उपयोग, छोटे वर्कआउट ब्रेक, वॉकिंग रूट बनाना)

कहां-कहां लगेंगे यह बोर्ड?

ये सूचना बोर्ड कैफेटेरिया, लॉबी, मीटिंग रूम जैसे सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएंगे ताकि कर्मचारियों और आम जनता में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़े।

मोटापा – एक बढ़ती चुनौती

स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने अपने पत्र में चिंता जताई है कि एनएफएचएस-5 के अनुसार, शहरी भारत में हर पांचवां वयस्क मोटापे का शिकार है। लैंसेट के अनुसार, 2021 में भारत में मोटे वयस्कों की संख्या 18 करोड़ थी, जो 2050 तक बढ़कर लगभग 45 करोड़ हो सकती है।

मोटापे से होने वाली प्रमुख बीमारियाँ

  • मधुमेह (डायबिटीज)
  • उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर)
  • हृदय रोग
  • कैंसर
  • मानसिक तनाव
  • जीवन की गुणवत्ता में गिरावट

प्रधानमंत्री की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम और राष्ट्रीय खेल उद्घाटन में देशवासियों से तेल की खपत 10% घटाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा, “स्वस्थ भारत की नींव, नागरिकों की अच्छी आदतों से बनेगी।”

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment