लखनऊ।अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी छांगुर बाबा ने पूछताछ के दौरान एटीएस को कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उसके गिरोह का सबसे सशक्त नेटवर्क दुबई और नेपाल में फैला हुआ है, जिसकी कमान नीतू उर्फ नसरीन के हाथों में थी।
छांगुर ने बताया कि विदेशी फंडिंग से आने वाली धनराशि का प्रबंधन भी नसरीन ही करती थी। इस राशि के ज़रिये देश के अलग-अलग हिस्सों में संचालित संस्थाओं को सहयोग मिलता था। एटीएस की रिमांड के चौथे दिन उसने यह भी कहा कि दुबई-नेपाल से संपर्क करने वाले लोग नसरीन से ही जुड़ते थे।
हालांकि, जब उससे धर्मांतरण की प्रक्रिया को लेकर सीधे सवाल किए गए तो उसने जवाब दिया कि “किसी पर दबाव नहीं डाला गया, सबने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम धर्म कबूल किया।” उर्स कार्यक्रमों को लेकर उसने सफाई दी कि सभी आयोजन सार्वजनिक होते थे और उसमें हर धर्म के लोग शामिल होते थे।
वहीं, जब उससे पैसों के लेन-देन और खातों के बारे में पूछा गया तो उसने गोलमोल जवाब दिए। नसरीन ने पूछे जाने पर बताया कि उसने आठ बैंक खाते अपने नाम पर खुलवाए हैं, जिनमें से तीन विभिन्न संस्थाओं के नाम पर हैं। लेकिन रकम का नियंत्रण छांगुर ही करता था।
सूत्रों के अनुसार, एटीएस अब इन्हें आज़मगढ़ और श्रावस्ती ले जाकर पूछताछ कर सकती है ताकि नेटवर्क के अन्य हिस्सों का भी भंडाफोड़ किया जा सके।







