नई दिल्ली।भारत में इस साल के अंत में होने वाले हॉकी एशिया कप और जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप को लेकर पाकिस्तान ने नया राजनीतिक दांव खेला है। पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि वह अपनी हॉकी टीम को भारत भेजने से पहले भारत की सुरक्षा स्थिति की गहन समीक्षा करेगी।
सरकारी अफसरों की गीदड़भभकी
प्रधानमंत्री युवा विकास और खेल कार्यक्रम के अध्यक्ष राणा मशूद ने बयान दिया कि अगर भारत में सुरक्षा को लेकर ज़रा भी शंका हुई तो पाकिस्तानी टीम को नहीं भेजा जाएगा। उनका कहना है कि सरकार खिलाड़ियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी।
भारत दौरे पर ‘समीक्षा’ का बहाना
राणा मशूद ने कहा, “सरकार भारत में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करेगी और यदि उसे संतुष्टि नहीं मिली तो हम अपने खिलाड़ियों को जोखिम में नहीं डालेंगे।”
अतीत में भारत में खेल चुके, अब बना रहे बहाना
पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) के महासचिव राणा मुजाहिद ने कहा कि पहले पाकिस्तान की टीम भारत में कई टूर्नामेंटों में भाग ले चुकी है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर टीम को मिल रही धमकियों पर भी नजर रखी जा रही है।
27 अगस्त से राजगीर में एशिया कप का आयोजन
भारत सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेने से किसी टीम को नहीं रोकेगी। खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम बहु-राष्ट्रीय आयोजनों में किसी के भी भाग लेने के खिलाफ नहीं हैं। द्विपक्षीय श्रृंखला अलग मामला होता है।”
एशिया कप 27 अगस्त से 7 सितंबर के बीच बिहार के राजगीर में आयोजित होगा, जो 2026 हॉकी विश्व कप के लिए क्वालिफायर भी है। भारत पहले ही इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर चुका है।






