भारत की होनहार टेबल टेनिस खिलाड़ी दिव्यांशी भौमिक ने एशियाई युवा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने अंडर-15 बालिका एकल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर 36 वर्षों का सूखा समाप्त किया और इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं।
14 वर्षीय दिव्यांशी भौमिक ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में चीन की शीर्ष खिलाड़ी झू छीही को 4-2 से शिकस्त दी। उनके इस जीत ने भारत के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है।

भारत के लिए शानदार प्रदर्शन:
इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल 4 पदक हासिल किए, जिसमें दिव्यांशी का एक स्वर्ण पदक, एक रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। खास बात यह रही कि दिव्यांशी ने अपने अभियान में तीन चीनी खिलाड़ियों को हराया – जो एशियाई टेबल टेनिस में शीर्ष माने जाते हैं।
सेमीफाइनल में भी दिखाया दमखम:
सेमीफाइनल में दिव्यांशी ने चीन की लियू झीलिंग को बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में मात दी, यह मुकाबला पूरे सात गेम तक चला। फाइनल में भी उनका आत्मविश्वास बरकरार रहा और उन्होंने चीन की दूसरी दिग्गज खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप का टिकट पक्का:
दिव्यांशी की इस शानदार जीत से उन्होंने वर्ल्ड यूथ टेबल टेनिस चैंपियनशिप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
खिलाड़ी के सफर की झलक:
दिव्यांशी भौमिक Dani Sports Foundation की युवा प्रतिभा संवर्धन योजना का हिस्सा हैं। इस फाउंडेशन ने Ultimate Table Tennis (UTT) के साथ मिलकर देश की उभरती प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य किया है। दिव्यांशी ने UTT जूनियर टूर्नामेंट में पहले संस्करण में भी जीत हासिल की थी और हाल ही में टेबल टेनिस सुपर लीग महाराष्ट्र 2024 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का खिताब मिला था।







