वडोदरा (गुजरात): गुजरात के वडोदरा और आणंद जिले को जोड़ने वाले महिसागर नदी पर स्थित गंभीरा पुल के टूटने से अब तक 15 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। हादसा मंगलवार को सुबह हुआ, जब अचानक पुल का एक हिस्सा गिर गया और उस पर चल रहे वाहन सीधे नदी में जा गिरे।
अब तक 15 शव बरामद, तीन लापता
वडोदरा के जिलाधिकारी अनिल धमेलिया ने जानकारी दी कि अभी तीन लोग लापता हैं। NDRF और SDRF की टीमें महिसागर नदी में करीब 4 किलोमीटर के क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं। जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति लापता है, तो वे नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
बचाव कार्य में कीचड़ बनी बड़ी बाधा
धमेलिया ने बताया कि भारी कीचड़ और नदी की गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें आ रही हैं। एक विशेष अस्थायी पुल का निर्माण किया जा रहा है ताकि डूबे वाहनों तक पहुँचा जा सके। नदी के बीचोबीच फंसी एक कार और मिनी ट्रक में सवार यात्रियों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
वैन की यात्री सोनलबेन की दर्दनाक कहानी
मुजपुर गांव की रहने वाली सोनलबेन ने बताया कि हादसे के वक्त वह वैन के पिछले हिस्से में बैठी थीं, जिससे किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहीं। लेकिन उनके पति रमेश पढियार (38), बेटी वेदिका (4) और बेटा नैतिक (2) नदी में बह गए। वह एक घंटे तक मदद के लिए चिल्लाती रहीं लेकिन कोई सहायता नहीं पहुंची।
1985 में बना था पुल, जांच के आदेश
गुजरात सरकार के मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि गंभीरा पुल का निर्माण 1985 में हुआ था और इसका नियमित रखरखाव होता था। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। बताया गया है कि पुल का एक स्लैब, जो दो खंभों के बीच था, अचानक ढह गया जिससे कई वाहन – दो ट्रक, दो वैन, एक ऑटो और एक बाइक – नदी में गिर गए।
हादसे के बाद का माहौल
पुल हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। राहत और बचाव कार्य जारी है और आने वाले दिनों में इस हादसे से जुड़ी कई और महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आ सकती हैं।







