छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामलों में फिर से हलचल दिखाई दे रही है। वर्ष 2025 में अब तक यह राज्य में कोरोना से तीसरी मौत दर्ज की गई है। ताजा मामला एक ऐसे मरीज का है जो पहले से ही क्रॉनिक लिवर डिजीज से पीड़ित था। यह दुखद घटना राजधानी रायपुर के एक प्रमुख अस्पताल में हुई, जहाँ शिफ्टिंग के दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उसे एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी अचानक उसकी हालत और बिगड़ गई और उसे बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों का कहना है कि उसकी पहले से मौजूद लिवर की बीमारी के कारण उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर हो गई थी, जिससे कोरोना वायरस का प्रभाव और अधिक घातक साबित हुआ।
इस घटना के बाद राज्य में कोरोना को लेकर एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी गई है। छत्तीसगढ़ में फिलहाल 11 एक्टिव केस हैं, जिनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए निगरानी और जाँच को और तेज़ कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना भले ही पहले जितना व्यापक न हो, लेकिन यह अब भी बुजुर्गों, पुरानी बीमारियों से ग्रसित मरीजों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी की ज़रूरत अभी भी बनी हुई है।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे हल्के लक्षणों को भी नज़रअंदाज न करें, समय पर जांच कराएं और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लें। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना और स्वच्छता के नियमों का पालन करना अब भी ज़रूरी है।







