उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 600 किलो मिलावटी दही जब्त किया है। यह दही मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में चाट-फुल्की और अन्य खाद्य पदार्थों के साथ बेचा जा रहा था। जांच में पता चला कि यह दही स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और खासकर लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।
मिलावटी दही की पहचान कैसे करें?
खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए मिलावटी दही की पहचान करने के तीन आसान तरीके बताए हैं, जिनसे घर पर ही दही की गुणवत्ता जांची जा सकती है:
1. तेल की परत देखें: अगर दही की सतह पर तेल की मोटी परत जम गई हो, तो यह मिलावटी हो सकता है। शुद्ध दही में तेल की परत नहीं बनती।
2. हथेली पर मलकर जांचें: दही की एक छोटी मात्रा को हथेली पर मलें। अगर दही चिकना और तेल जैसा महसूस हो तो यह मिलावटी हो सकता है।
3. पानी में डालकर देखें: दही को पानी में डालें। अगर दही पानी की सतह पर तैरने लगे या उसमें तेल जैसा कोई पदार्थ दिखाई दे, तो यह मिलावटी दही हो सकता है।
मिलावटी दही से होने वाले स्वास्थ्य खतरे
मिलावटी दही में अक्सर हाइड्रोजेनेटेड तेल या सस्ते वनस्पति तेल मिलाए जाते हैं, जो ट्रांस फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। इनका सेवन करने से पाचन तंत्र खराब हो सकता है, फूड पॉइजनिंग हो सकती है और लिवर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक मिलावटी दही खाने से लीवर सिरोसिस, फैटी लिवर और अन्य जटिलताएं हो सकती हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और उपभोक्ता सतर्कता
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी दही की सप्लाई करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे दही खरीदते समय सावधानी बरतें और FSSAI द्वारा बताए गए तरीकों से दही की जांच करें। केवल विश्वसनीय और प्रमाणित ब्रांड से ही दही खरीदें।



