छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां मैनी नदी में अचानक आई बाढ़ की चपेट में आकर मां-बेटे समेत चार लोग बह गए। यह घटना उस वक्त हुई जब ये लोग जंगल में पुटू (एक प्रकार का जंगली मशरूम) बीनने गए थे और लौटते समय नदी पार कर रहे थे।
ग्रामीणों के अनुसार, घटना शुक्रवार की शाम की है। सुबह से जंगल में पुटू बीनने गए आठ लोगों का एक समूह वापस लौट रहा था। उस समय नदी में जलस्तर सामान्य था, लेकिन दोपहर बाद अचानक बारिश शुरू हो गई, जिससे मैनी नदी में तेज बहाव आ गया। इनमें से चार लोग सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे, लेकिन शेष चार लोग तेज धार में फंस गए। देखते ही देखते वे बाढ़ में बह गए।
बहने वालों में एक महिला, उसका बेटा और दो अन्य ग्रामीण शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और राहत व बचाव कार्य जारी है। अब तक किसी का पता नहीं चल सका है, लेकिन नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
यह घटना एक बार फिर जंगलों में जीवन-यापन के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों की कठिनाइयों को उजागर करती है। पुटू जैसे वन उत्पाद, जिन पर कई आदिवासी परिवारों की आजीविका निर्भर है, उनके लिए कई बार जीवन का जोखिम भी बन जाते हैं। बारिश के मौसम में ऐसी घटनाएं और अधिक बढ़ जाती हैं, जब नदियां अचानक उफान पर आ जाती हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी पार करने से बचें और वन क्षेत्रों में जाते समय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखें। स्थानीय गांवों में शोक की लहर है और ग्रामीण प्रशासन से लगातार सर्च ऑपरेशन तेज करने की मांग कर रहे हैं।



