‘बादाम विरोध’ का असर: फाइल गायब मामले में दो अफसरों पर कार्रवाई, मुख्यालय अटैच

Madhya Bharat Desk
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में एक युवक की परेशानी और उसके अनोखे विरोध ने आखिरकार सिस्टम को झकझोर दिया। महीनों से फाइल गायब होने की समस्या झेल रहे युवक के “बादाम विरोध” का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, प्रशासन हरकत में आ गया और दो अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें मुख्यालय अटैच कर दिया गया।

मामला नामांतरण की एक फाइल से जुड़ा है, जिसे लेकर युवक तरुण पिछले कई महीनों से दफ्तर के चक्कर काट रहा था। तरुण ने करीब एक साल पहले ईडब्ल्यूएस श्रेणी का फ्लैट खरीदा था और नियमों के अनुसार रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे। सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया दो से तीन महीनों में पूरी हो जाती है, लेकिन उसके मामले में सात महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

तरुण का आरोप है कि हर बार दफ्तर जाने पर उसे यही बताया जाता था कि फाइल की “नत्थी” मिल नहीं रही है या उसकी तलाश जारी है। इस दौरान वह 50 से अधिक बार कार्यालय के चक्कर लगा चुका था, जिससे उसका समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ।

आखिरकार लगातार टालमटोल से परेशान होकर तरुण ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। वह 500 ग्राम बादाम लेकर कार्यालय पहुंचा और संबंधित अधिकारी को देते हुए कहा कि “इसे खाइए, याददाश्त तेज होगी, शायद मेरी फाइल मिल जाए।” इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। फाइल गुम करने और लापरवाही के आरोपों के चलते संपदा अधिकारी एल.पी. बंजारे और सहायक पुन्नम बंजारे को मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।

यह घटना न केवल सरकारी कामकाज में लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आम आदमी को अपने हक के लिए किस हद तक संघर्ष करना पड़ता है। एक साधारण सी प्रक्रिया के लिए महीनों भटकना, सिस्टम की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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