रामअवतार जग्गी हत्याकांड में सजा काट रहे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिल पाई है। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट की दो जजों की बेंच ने साफ संकेत दे दिए कि अभी सरेंडर से बचने के लिए उन्हें कोई छूट नहीं दी जाएगी।
अमित जोगी की ओर से कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं पहली सरेंडर पर रोक लगाने के लिए और दूसरी मामले की जल्द सुनवाई की मांग को लेकर। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर तुरंत राहत देने से इनकार करते हुए मामला दूसरे जज के समक्ष भेज दिया है।
इस फैसले के बाद अब जोगी के सामने राहत की उम्मीद फिलहाल टल गई है। मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को तय की गई है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साथ ही कोर्ट ने उन्हें तीन हफ्तों के भीतर सरेंडर करने का निर्देश भी दिया था।
अब 23 अप्रैल की सुनवाई इस केस के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, जहां से यह तय हो सकता है कि आगे जोगी को कोई राहत मिलती है या नहीं।



