देश के अलग-अलग राज्यों में जारी चुनावी हलचल के बीच कई अहम घटनाएं सामने आई हैं। चुनाव आयोग की सख्ती और निगरानी के चलते जहां कुछ जगहों पर पुनर्मतदान का फैसला लिया गया है, वहीं कुछ उम्मीदवारों को नियमों के उल्लंघन का खामियाजा भी भुगतना पड़ा है।
असम में दोबारा मतदान
हाल ही में 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव और उपचुनाव के बाद चुनाव आयोग ने व्यापक जांच की। इस दौरान देशभर के 63 हजार से ज्यादा मतदान केंद्रों की समीक्षा की गई, लेकिन सिर्फ असम के एक ही बूथ पर गड़बड़ी पाई गई।
इसी के चलते असम के करीमगंज नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के एक पोलिंग स्टेशन पर आज फिर से वोटिंग कराई जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि इस बार पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो।
बंगाल में TMC को बड़ा झटका
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है। कृष्णनगर उत्तर सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार अभिनव भट्टाचार्य का नामांकन रद्द कर दिया गया है।
निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, वे जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 9A के तहत अयोग्य पाए गए। जांच में सामने आया कि नामांकन के दौरान वे सरकारी अनुबंध से जुड़े हुए थे, जो नियमों के खिलाफ है।
इस फैसले के बाद TMC अब इस सीट के लिए नए उम्मीदवार की तलाश में जुट गई है।
तमिलनाडु में सख्त निगरानी के बीच चुनाव
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग पूरी तरह सतर्क है। राज्य की 234 सीटों पर मतदान होगा, जिसकी निगरानी के लिए 326 केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में साफ निर्देश दिए कि सभी पर्यवेक्षक अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करें, ताकि आम लोग और राजनीतिक दल आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें।
उम्मीदवारों की बड़ी संख्या
तमिलनाडु में इस बार कुल 4,610 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। करूर सीट पर सबसे ज्यादा 85 प्रत्याशी हैं, जबकि अंबासमुद्रम में सबसे कम 5 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।







